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पंडित कृष्ण मेहता का आज का आलेख आपको देगा कुछ खुद पैदा किये खतरों से बचा सुखद जीवन का मंत्र।

November 20, 2019 09:03 PM
पंडित  कृष्ण  मेहता का आज का आलेख आपको देगा कुछ खुद पैदा किये खतरों से बचा सुखद जीवन का मंत्र।
कल से शुक्र बदल रहा है राशि क्या होगा इसका असर जाने।शुक्र का धनु राशि में होने वाले गोचर का समय
शुक्र ग्रह 21 नवंबर 2019, बृहस्पतिवार को दोपहर 12:04 बजे वृश्चिक राशि से निकलकर धनु राशि में गोचर करेगा और 15 दिसंबर 2019, रविवार को सायँ 17:44 बजे तक इसी राशि में स्थित रहेगा। शुक्र के धनु राशि में होने वाले इस गोचर का असर सभी बारह राशियों पर देखने को मिलेगा। 
ज्योतिशास्त्र में शुक्र को शुभ फलदायी ग्रह के रूप में माना जाता है। सभी नव ग्रहों में जिस प्रकार से बृहस्पति को देवताओं के गुरु की उपाधि प्राप्त है, उसी प्रकार से शुक्र ग्रह को दानवों के गुरु की उपाधि प्राप्त है। वैज्ञानिक तथ्यों की बात करें तो, शुक्र ग्रह को सभी ग्रहों में सबसे ज्यादा चमकीला ग्रह माना जाता है। इसे विशेष रूप से भोर का तारा भी कहते हैं। वैदिक ज्योतिष में इसे विशेष रूप से भौतिक सुख सुविधाओं, सांसारिक सुख और जीवन में प्रेम एवं सौहार्द का कारक माना जाता है। यदि किसी की कुंडली में शुक्र की स्थिति मजबूत हो तो, इससे व्यक्ति को वैवाहिक और प्रेम जीवन में सफलता एवं जीवन में भौतिक सुख और सभी इच्छाओं की पूर्ति होती है। दूसरी तरफ यदि कुंडली में शुक्र की स्थिति कमजोर हो तो व्यक्ति जीवन में आने वाले विभिन्न सुखों से अछूता रहता है, प्रेम संबंधों में बाधा आती है और यौन रोगों से पीड़ित होने की संभावना भी रहती है। शुक्र ग्रह को वृषभ और तुला राशि का स्वामी ग्रह माना जाता है। शुक्र के शुभ प्रभाव से व्यक्ति के अंदर एक विशेष प्रकार की आकर्षण शक्ति आती है, ऐसे व्यक्ति दूसरों को आसानी से आकर्षित कर लेते हैं। ऐसे में शुक्र के धनु राशि में होने वाले गोचर का प्रभाव सभी को होगा।
   शुक्र का धनु राशि में होने वाले गोचर का समय
शुक्र ग्रह 21 नवंबर 2019, बृहस्पतिवार को दोपहर 12:04 बजे वृश्चिक राशि से निकलकर धनु राशि में गोचर करेगा और 15 दिसंबर 2019, रविवार को सायँ 17:44 बजे तक इसी राशि में स्थित रहेगा। शुक्र के धनु राशि में होने वाले इस गोचर का असर सभी बारह राशियों पर देखने को मिलेगा। आईये जानते हैं शुक्र के इस गोचर का ज्योतिषीय प्रभाव विभिन्न राशि के जातकों पर किस प्रकार से पड़ने वाला है जानकारी के लिए संपर्क करें।
ज्योतिष के ये 15 सच आपके लिए जानना है जरूरी
हर किसी की सलाह मानना हो सकता है हानिकारक
अक्सर सही जानकारी के अभाव में सामान्यजन किसी के भी कहने पर ज्योतिषीय उपाय आजमाने लगते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि इस तरह के आजमाए गए उपाय कई बार हानिकारक सिद्ध हो सकते हैं-जाने पंडित कृष्ण मेहता से क्या है? जो आम जन देखा देखी खुद के जीवन मे अपना खुद का नुकसान कर बैठता है जाने---
1. कभी भी उच्च के ग्रहों का दान नहीं करना चाहिए और नीच ग्रहों की कभी पूजा नहीं करनी चाहिए।  
2 . कुंडली में गुरु दशम भाव में हो या चौथे भाव में हो तो मंदिर निर्माण के लिए धन नहीं देना चाहिए यह अशुभ होता है और जातक को कभी भी फांसी तक पहुंचा सकता है। 
3. कुंडली के सप्तम भाव में गुरु हो तो कभी भी पीले वस्त्र दान नहीं करने चाहिए।  
4 . बारहवें भाव में चन्द्र हो तो साधुओं का संग करना बहुत अशुभ होगा। इससे परिवार की वृद्धि रुक सकती है। 
5 . सप्तम/अष्टम सूर्य हो तो ताम्बे का दान नहीं देना चाहिए, धन की हानि होने लगेगी। 
6. मंत्रोच्चारण के लिए शिक्षा-दीक्षा लेनी चाहिए क्योंकि अशुद्ध उच्चारण से लाभ की बजाय हानि अधिक होती है।  
7. जब भी मंत्र का जाप करें उसे पूर्ण संख्या में करना जरूरी है। 
8. मंत्र एक ही आसन पर, एक ही समय में सम संख्या में करना चाहिए। 
9 . मंत्र जाप पूर्ण होने के बाद दशांश हवन अवश्य करना चाहिए तभी पूर्ण फल मिलता है।  
10. कुछ लोग वार के अनुसार वस्त्र पहनते हैं, यह हर किसी के लिए सही नहीं होता है। कुंडली में जो ग्रह अच्छे हैं उनके वस्त्र पहनना शुभ है लेकिन जो ग्रह शुभ नहीं हैं उनके रंग के वस्त्र पहनना गलत हो सकता है। 
11. कई बार किसी से सलाह लिए बिना कुछ लोग मोती पहन लेते हैं, यह गलत है अगर कुंडली में चन्द्रमा नीच का है तो मोती पहनने से व्यक्ति अवसाद में आ सकता है। 
12. अक्सर देखा गया है कि किसी की शादी नहीं हो रही है तो ज्योतिषी बिना कुंडली देखे पुखराज पहनने की सलाह दे देते हैं इसका उल्टा प्रभाव होता है और शादी ही नहीं होती। 
13. कुंडली में गुरु नीच का, अशुभ प्रभाव में, अशुभ भाव में हो तो पुखराज कभी भी नहीं पहनना चाहिए।  
14. कई लोग घर में मनी प्लांट लगा लेते हैं यह  सुनकर कि इससे घर में धन वृद्धि होगी लेकिन तथ्य तो यह है कि अगर बुध खराब हो तो घर में मनी प्लांट लगाने से घर की बहन-बेटी दुखी रहती हैं। 
15. कैक्टस या कांटे वाले पौधे घर में लगाने से शनि प्रबल हो जाता है अतः जिनकी कुंडली में शनि खराब हो उन्हें ऐसे पौधे नहीं लगाने चाहिए। 
कुछ ऐसे उपाय जानिए पंडित कृष्ण मेहता से आपका अभाव भरा जीवन खुशियों में तबदील कर देगा---
लक्ष्मी पूजन में चावल  यह उपाय किसी भी शुभ मुहूर्त, होली के दिन या किसी भी पूर्णिमा के दिन कर सकते हैं। इसके लिए सुबह जल्दी उठें और सभी नित्य कर्मों से निवृत्त होने के बाद लाल रंग का कोई रेशमी कपड़ा लें।इस लाल कपड़े में पीले चावल के 21 अखंडित दानें रखें। यानि कोई टूटा हुआ दाना न रखें। चावल को पीला करने के लिए हल्दी का प्रयोग करें। उन दानों को कपड़े में बांध लें। अब माता लक्ष्मी की विधिपूर्वक चौकी बनाएं और उस पर यह लाल कपड़े में बंधे चावल भी रखें। इसके बाद उनकी नियमपूर्वक पूजा करें। पूजन के बाद यह लाल कपड़े में बंधे चावल अपने पर्स में छिपाकर रख लें। ऐसा करने पर महालक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और धन संबंधी मामलों में चल रही रुकावटें दूर हो जाती हैं
शिव को अर्पित करें चावल प्रति सोमवार शिवलिंग पूजन में बैठने से पूर्व अपने पास करीब आधा किलो या एक किलो चावल का ढेर लेकर बैठें। फिर शिवलिंग का विधिवत पूजन करें। पूजा पूर्ण होने के बाद चावल के ढेर से एक मुट्ठी चावल लेकर शिवलिंग पर अर्पित करें।इसके बाद बचे हुए चावल को मंदिर में दान कर दें या किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दे दें। ऐसा हर सोमवार को करें। कम से कम पांच सोमवार करें। इस उपाय को अपनाने से धन संबंधी समस्या दूर हो जाएगी।
चावल का सेवन चावल का सेवन किस तरह करना चाहिए यह जानना जरूरी है। इस उपाय से भी धन और अच्छी सेहत की प्राप्ति होती है। यदि आप चावल का इस्तेमाल प्रतिदिन के भोजन में कर रहे हैं तो ध्यान रखें कि चावल कभी भी सूर्यास्त के बाद न खाएं।
रात के भोजन में चावल, दही जैसी चीजों से बचना चाहिए। कहते हैं ऐसे में लक्ष्मी जी का अपमान होता है। चावल को भोजन की थाली में दाहिने ओर रखना चाहिए। चावल को थाली में कभी जूठा नहीं छोड़ना चाहिए।चावल हवन चावल को तिल और दूध के साथ मिलाकर उससे माता का हवन करने से श्रीप्राप्ति होती है और दरिद्रता दूर भागती है। यह हवन किसी शुभ मुहूर्त में करें और विधिपूर्वक करें।सुयोग्य वर हेतु  किसी भी माह की शुक्लपक्ष की चतुर्थी से चांदी की छोटी कटोरी में गाय का दूध लेकर उसमें शक्कर एवं उबले हुए चावल मिलाकर चंद्रोदय के समय चंद्रमा को तुलसी की पत्ती डालकर यह नेवैद्य बताएं व प्रदक्षिणा करें। इस प्रकार यह नियम 45 दिनों तक करें। 45 दिन पूर्ण होने पर एक कन्या को भोजन करवाकर वस्त्र और मेंहदी दान करें। ऐसा करने से सुयोग्य वर की प्राप्ति होकर शीघ्र मांगलिक कार्य संपन्न होगा।धन प्राप्ति हेतु नवरात्रि के तीसरे दिन कन्याओं को केशरिया चावल का दान करें। उन्हें चावली की खीर बनाकर भी खिला सकते हैं।चंद्र देगा शुभ फल  यदि आपकी कुंडली में चंद्र अशुभ फल दे रहा है तो आ अपनी माता से एक मुट्ठीभर चावल विधिपूर्वक दान ले लें।नौकरी संबंधी परेशानी का निदान  यदि आपको नौकरी संबंधी कोई परेशानी है तो आप कुछ दिनों तक मीठे चावल कौओं को खिलाएं। इससे आपकी समस्या का निदान हो जाएगा।
 


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